HINDI SAHITYA KA ITIHAS 02 हिंदी साहित्य का इतिहास

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HINDI SAHITYA KA ITIHAS 02 हिंदी साहित्य का इतिहास

1. ” ‘सूरसागर ‘ किसी चली आती हुई गीत काव्य – परम्परा का – भले ही वह मौलिक हो, – विकास प्रतीत होता है। “
उक्त परिभाषा किसकी है?

(2) राम कुमार वर्मा

(3) दीन दयाल गुप्त

(4) मुंशीराम शर्मा

(1) रामचंद्र शुक्ल

 

2. ” चौपाई – दोहे का सबसे पुराना प्रयोग यही है। जो कुछ पुराना साहित्य उपलब्ध है उससे लगता है कि पूर्वी प्रदेश के बौद्ध – सिद्ध ने ही इस शैली में लिखना शुरू किया था। “
सरहपा विषयक यह कथन किसका है?

(1) राहुल सांकृत्यायन

(2) रामकुमार वर्मा

(3) रामचंद्र शुक्ल

(4) हजारी प्रसाद द्विवेदी

(4) हजारी प्रसाद द्विवेदी

 

3. सुमेलित नहीं है –

(1) चंदनबालारास  – आसगु

(2) स्थूलिभद्ररास  – विजयसेन सूरी

(3) उक्तिव्यक्ति प्रकरण – दामोदर पंडित

(4) वर्ण रत्नाकर – ज्योतिरीश्वर ठाकुर

(2) स्थूलिभद्ररास  – विजयसेन सूरी

 

4. आचार्य रामचंद्र शुक्ल की दृष्टि से कौनसा कथन सही नहीं है?

(1) ‘अखरावट ‘में वर्णमाला के एक एक अक्षर को लेकर सिद्धांत संबंधी चौपइयाँ कही गई है।

(2) ‘ आखिरी कलाम ‘ में कयामत का वर्णन है।

(3) पद्मावत ‘ में प्रेमगाथा कि परम्परा पूर्ण प्रोढ़ता को प्राप्त मिलती है।

(4) ‘ पद्मावत ‘ पूर्णतया ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है।

(4) ‘ पद्मावत ‘ पूर्णतया ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है।

 

5. मंझन कृत ‘ मधुमालती ‘ के विषय में कौनसा तथ्य सही नहीं है?

(1) इसकी कथा पूर्ण रूप से ऐतिहासिक है।

(2) इसमें भारतीय काव्य – रूढियों का प्रयोग किया गया है।

(3) अन्य सूफ़ी काव्यों के समान ही इसमें भी प्रेम को ही सब कुछ माना गया है।

(4) इसमें पाँच अर्धाली / चौपइयों के बाद दोहे का प्रयोग है।

(1) इसकी कथा पूर्ण रूप से ऐतिहासिक है।

 

6. “कबीरदास ऐसे ही मिलन बिंदु पर खड़े थे। जहां से एक ओर हिंदुत्व निकल जाता है और दूसरी ओर मुसलमानत्व,……….।” कबीर विषयक उक्त मान्यता किसकी है?

(1) रामचंद्र शुक्ल

(2) श्यामसुंदर दास

(3) हजारी प्रसाद द्विवेदी

(4) सरनामसिंह शर्मा

(3) हजारी प्रसाद द्विवेदी

 

7. हिंदी प्रेमाख्यान काव्य परम्परा से संबंधित असंगत कथन है –

(1) निर्विवाद रूप से सभी प्रेमाख्यान तत्सम शब्दावली प्रधान अवधी भाषा में रचित है।

(2) ये काव्य प्रबंधत्मक शैली में रचित है।

(3) इनके पात्र मुख्यतः दो श्रेणियों – मानवीय और मानवेतर के है।

(4) इन काव्यों की मूल भावना प्रेम है।

(1) निर्विवाद रूप से सभी प्रेमाख्यान तत्सम शब्दावली प्रधान अवधी भाषा में रचित है।

 

8. निम्नलिखित के आधार पर सही विकल्प चुनिए –

(अ) कबीर जो कुछ कहते थे शास्त्रीय ज्ञान के आधार पर कहते थे।

(ब) उनकी उक्तियाँ बेधने वाली और व्यंग्य चोट करने वाले होते थे।

(1) अ और ब दोनों सही

(2) अ गलत और ब सही

(3) अ और ब दोनों गलत

(4) अ सही और ब गलत

(2) अ गलत और ब सही

 

9. कौनसा कथन असंगत है?

(1) कृष्णगढ़ नरेश महाराज सावंतसिंह ही प्रसिद्ध भक्त कवि नागरीदास है।

(2) गागरौनगढ़ के राजा संत पीपा ने स्वामी रामानंद से दीक्षा ली थी।

(3) जम्भ नाथ ने अपने आदर्शो के प्रचारार्थ ‘ ब्रह्म संप्रदाय ‘ कि स्थापना क़ी।

(4) सहजोबाई ने ब्रह्म तत्व का निर्गुण – सगुण निरपेक्ष अनिर्वचनीय स्थिति का अनुभूति परक वर्णन किया है।

(3) जम्भ नाथ ने अपने आदर्शो के प्रचारार्थ ‘ ब्रह्म संप्रदाय ‘ कि स्थापना क़ी।

 

10. पुष्टिमारग को जहाज जात है सो जाको कछु लेना होय सो लेउ।
सूरदास क़ी मृत्यु को संनिकट जानकर ये शौकर्त वचन किसके है?

(1) गोकुल नाथ का

(2) विठ्ठल नाथ का

(3) कुम्भदास का

(4) नन्द दास का

(2) विठ्ठल नाथ का

 

11. “उन्होंने रचना – नैपुण्य का भद्दा प्रदर्शन कहीं नहीं किया है और न शब्द चमत्कार आदि के खेलवाड़ों में वे फँसे है।…… उनकी सी भाषा क़ी सफाई और किसी कवि में नहीं।” शुक्लजी का यह कथन किस कवि के विषय में है?

(1) तुलसीदास

(2) जायसी

(3) बिहारी

(4) घनआनंद

(1) तुलसीदास

 

12. ” कबित्त बिबेक एक नहिं मोंरे, सत्य कहहुँ  लिखि कागद कोंरे। ” यह विनयोक्ति किस कवि क़ी है?

(1) कबीर

(2) सूरदास

(3) रहीम

(4) तुलसीदास

(4) तुलसीदास

 

13. भाषा भूषण के रचनाकार है –

(1) भूषण

(2) मतिराम

(3) जसवंतसिंह

(4) पद्माकर

(3) जसवंतसिंह

 

14. निम्नलिखित के आधार पर सही विकल्प चुनिए –

(अ) निर्गुण भक्ति में गुरु को वही महत्त्व प्राप्त है, जो साधना के अन्य रूपों – ज्ञान मार्ग, सगुण भक्ति या रहस्यवाद में प्राप्त है।

(ब) निर्गुण भक्ति का आलम्बन निराकार और अगोचर है तथा सगुण भक्ति का आलम्बन साकार एवं गोचर है।

(1) अ और ब दोनों गलत

(2) अ सही और ब गलत

(3) अ और ब दोनों सही

(4) अ गलत और ब सही

(3) अ और ब दोनों सही

 

15. ‘ मूल गोसाई चरित ‘ के रचनाकार है –

(1) नाभादास

(2) प्रियादास

(3) बेनीमाधव दास

(4) नरहरिदास

(3) बेनीमाधव दास

 

16. राजस्थान से सम्बंधित संत भक्त संप्रदाय नहीँ है –

(1) निरंजनी संप्रदाय

(2) जसनाथी संप्रदाय

(3) लालदासी संप्रदाय

(4) बावरी संप्रदाय

(4) बावरी संप्रदाय

 

17. भक्तमाल के टीकाकार है –

(1) प्रियादास

(2) विट्ठलदास

(3) अग्रदास

(4) कील्हा

(1) प्रियादास

 

18. रामभक्ति काव्य धारा से संबद्ध नही है –

(1) स्वामी अग्रदास

(2) प्राणचंद चौहान

(3) गदाधर भट्ट

(4) हृदय राम

(3) गदाधर भट्ट

 

19. इनमें से कौनसा कवि ज्ञान मार्गी विचार धारा से सम्बद्ध नहीं माना जाता है?

(1) जम्भनाथ

(2) ध्रुवदास

(3) मलूकदास

(4) सुंदर दास

(2) ध्रुवदास

 

20. ‘ राधावल्लभ  ‘नामक वैष्णव भक्ति संप्रदाय के प्रवर्तक है –

(1) वल्लभाचार्य

(2) हित हरिवंश

(3) स्वामी हरिदास

(4) चैतन्य महाप्रभु

(2) हित हरिवंश

 

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